पुलिस के अनुसार, शबरी नगर निवासी अनुराग (19) छात्र था। उसकी शहडोल निवासी एक युवती से दोस्ती थी और वह उसे पसंद करता था। कुछ दिन पहले अनुराग ने युवती के सामने अपने प्रेम का इजहार किया था, लेकिन युवती ने प्रस्ताव स्वीकार करने से इन्कार कर दिया।from Nai Dunia Hindi News - Latest News https://ift.tt/SBPI1M3
उससे पांच लाख रुपये की अड़ीबाजी की और फिर रकम न देने पर लौटते समय मनुआभान टेकरी के पास उसके साथ मारपीट कर कार लूट ली। पुलिस ने लूट का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वन विभाग ने उसका मोबाइल फोन भी जांच के लिए जब्त किया गया है। प्रारंभिक जांच में मोबाइल से वन्यजीवों से जुड़े कई आर्टिफैक्ट्स की तस्वीरें, व्हाट्सएप चैट और लेन-देन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
यूको बैंक भोपाल के डीजीएम /जोनल हेड लोकेश कुमार द्वारा मार्च में की गई शिकायत की जांच के बाद सीबीआइ ने प्रकरण कायम किया है।
केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग के अधीक्षक मुकेश बर्मन ने मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया।
दोपहर करीब 1:30 बजे अशोक सोलंकी स्कूल से रुद्राक्ष और संजय की सात वर्षीय पुत्री नव्या को लेकर घर पहुंचे। अशोक नीचे ही रुक गए, जबकि दोनों बच्चे पहली मंजिल पर चले गए। वहां पहुंचने पर नव्या ने चार माह की काव्या को बाथरूम में लेटा देखा। उसने तुरंत नीचे आकर अशोक सोलंकी को इसकी जानकारी दी और दो लोगों को घर से भागते हुए देखने की बात भी बताई।
घटना की सूचना मिलते ही पेंच टाइगर रिज़र्व का अमले ने बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को तत्काल कुरई स्थित शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उन्हें नागपुर रेफर कर दिया गया।
दिग्विजय ने यह भी कहा कि मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव जब नगरीय विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष व मंत्री बने थे तभी से उनका भूमि प्रेम उजागर है।
रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने के करीब एक महीने बाद भी भोपाल का निशातपुरा रेलवे स्टेशन शुरू नहीं हो पाया है।
शिवपुरी की 19 वर्षीय छात्रा अंजलि जाटव NEET की तैयारी के लिए हल्द्वानी गई थी। पीजी हॉस्टल में रह रही अंजलि ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
ग्राम ताईखेड़ा में 11 वर्षीय बच्चे की हत्या का मामला सामने आने पर ग्रामीणों ने मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीणों की तीखी नोंक-झोंक हुई।
दरअसल, हाई कोर्ट में दायर याचिका में हालिया सुप्रीम कोर्ट निर्णय परविंदर सिंह बनाम ईडी का हवाला देते हुए कहा गया है कि शिकायत पर संज्ञान लेने से पहले आरोपित को सुनवाई का अवसर दिया जाना आवश्यक है।