सकर्रा (सक्ती)(नईदुनिया न्यूज)। भोजली का त्योहार हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया। महिलाएं व युवतियां सामूहिक रूप से लोक गीत गाती हुई सिर पर भोजली लिए सकर्रा के साहू तालाब पहुंची और भोजली का विर्सजन किया। भोजली मित्रता का प्रतीक है। प्राचीन काल से छत्तीसगढ़ में भोजली देकर मित्रता को प्रगाढ़ करने की परंपरा रही है। इस तरह यह छत्तीसगढ़ी फ्रेंडशिपfrom Nai Dunia Hindi News - chhattisgarh : mungeli https://ift.tt/y8D3GEh
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