इस मामले में पुलिस ने इंदौर क्राइम ब्रांच के एक आरक्षक को भी पकड़ा था, जिसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। मामला संवेदनशील होने के चलते सबसे पहले आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने पूछताछ की थी,जिससे पता चल सके संदिग्ध कहीं देश विरोधी तत्वों के संपर्क में तो नहीं थे। अब इसे साइबर पुलिस को सौंप दिया गया है।from Nai Dunia Hindi News - Latest News https://ift.tt/W7F1OvJ
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