मामले में किसी तरह की कार्रवाई नही हुई और युवकों को छोड़ दिया गया था। हालांकि पुलिस ने इस्तगाजा तैयार किया और युवकों के मोबाइल और काॅलिंग के लिए लोगों के मोबाइल नंबर की सूची व अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए गए।from Nai Dunia Hindi News - Latest News https://ift.tt/TCOX9pD
पैसे वापस मांगने पर उसने पीड़ित का मोबाइल नंबर तक ब्लाॅक कर दिया। पुलिस के अनुसार, शक्ति नगर गौठाना निवासी मयूर मालवीय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि फरवरी 2024 में आरोपित आलोक कुमार बामने ने एमपी मेट्रो में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।
दोनों बच्चों में एक की उम्र डेढ़ व दूसरी की करीब तीन साल बताई जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया है।
भारत सरकार के निर्देश के अनुसार अधिकारियों को कानूनी सहायता केवल सरकारी कामकाज से जुड़े मामलों में ही मिलेगी। किसी अधिकारी के विरुद्ध उसके आधिकारिक कार्य के कारण प्रकरण दर्ज होता है, तो सरकार बचाव में उतार सकती है।
इंदौर में मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह किया। बाद में किन्नर से 13 लाख रुपये से अधिक की राशि ली लेकिन किन्नर ने जब रुपये वापस मांगे, तो मुशर्रफ ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया।
फर्म संचालक उमेश गुप्ता की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोपितों ने 1.13 करोड़ के बदले 45 करोड़ रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराने का सौदा किया था।
दतिया विधानसभा के उपचुनाव के परिणाम से चंद घंटे पहले कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया।
चरवाहे के शोर मचाने और उनकी ओर बढ़ने पर आरोपित बच्चियों को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। घटना के बाद पुलिस ने करीब तीन घंटे तक सर्चिंग की, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा। उधर पीड़िताओं के स्वजनों ने भी एफआइआर करवाने से इनकार किया है।
जंगल में ले जाकर तीन बदमाशों ने दुष्कर्म किया, जबकि उनके तीन साथी उसके मित्र युवक को बंधक बनाए रहे। शोर सुनकर कुछ ही दूरी पर तैनात पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन सभी आरोपित जंगल के रास्ते फरार हो गए।
पीड़िता का कहना है कि बाद में आरोपित हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल चला गया और एक वर्ष से अधिक समय तक जेल में रहा।
हाई कोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण आदेश में साफ किया है कि भरण-पोषण के मामलों में पति-पत्नी की वास्तविक आय, संपत्ति, खर्च और वित्तीय दायित्वों का पूरा आकलन किए बिना मेंटेनेंस तय नहीं किया जा सकता।
प्रारंभिक पूछताछ में ही मयंक टूट गया और पलक को पेट्रोल डालकर जलाना स्वीकार कर लिया। संवेदनशील घटना के कारण पुलिस ने मामले की जानकारी गोपनीय रखी थी। जोन-2 के डीसीपी अमन सिंह राठौर स्वयं पूछताछ कर रहे हैं।