धीरज गोमे. उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नियम है, पहले प्रोजेक्ट की निविदा दर स्वीकृत की जाए। फिर निर्माण एजेंसी से अनुबंध किया जाए और अंत में प्रोजेक्ट का शिलान्यास। मगर यहां उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी ने पूरी उल्टी गंगा बहा दी है।from Nai Dunia Hindi News - madhya-pradesh : ratlam https://ift.tt/3f5vEcX
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